उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण खनिज संसाधन//। Up special

उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण  खनिज संसाधन//। Up special/



कोयला
👉उ.प्र. में सोनभद्र जिले के गोंडवाना चट्टानों में कोयले के भंडार पाये जाते हैं। यह कोयला सोनभद्र के सिंगरौली क्षेत्र से प्राप्त किया जाता है।

👉इस क्षेत्र में कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा खनन का कार्य किया जाता है। 1 अप्रैल, 2019 की ( मिनरल डाटा रिपोर्ट) के अनुसार, सिंगरौली क्षेत्र में 1061.80 मिलियन टन कोयला भंडार है।

👉प्रदेश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य का 47 प्रतिशत भाग कोयले
से प्राप्त होता है।

बॉक्साइट
👉 यह एल्युमिनियम का अयस्क है यह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रेणुकूट से प्राप्त किया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के चंदौली, बांदा, ललितपुर आदि जिलों में बॉक्साइट के भंडार है।

चूना पत्थर :
👉 उत्तर प्रदेश के चूना पत्थर उत्पादक जिले मिर्जापुर एवं सोनभद्र है।

👉चूना पत्थर के संचित भण्डार में उत्तर प्रदेश का दूसरा स्थान है।

👉मिर्जापुर में चुनार एवं कजराहट तथा सोनभद्र में चुर्क और डल्ला प्रमुख चूना पत्थर उत्पादक क्षेत्र है।

👉 चूना पत्थर का उपयोग प्रमुख रूप से सीमेंट बनाने में किया जाता है।

जिप्सम
👉जिप्सम का उपयोग सीमेंट, आमोनिया सल्फेट तथा गंधक बनाने में किया जाता है।

👉यह कैल्शिम का एक हाइड्रोलाइज्ड सल्फाइट है इसे सैलेनाइट भी कहा जाता है।

👉उ.प्र. के झांसी और हमीरपुर इसके प्रमुख उत्पादक जिले है।

डोलोमाइट:
👉यह प्रदेश के मिर्जापुर बांदा एवं सोनभद्र जिलों से प्राप्त किया जाता है। मिर्जापुर का कजराहट क्षेत्र उच्च श्रेणी के डोलोमाइट का उत्पादक है।

👉इसका प्रयोग इस्पात उद्योग में पोर्टलैण्ड सीमेंट, प्लॉस्टर ऑफ पेरिस तथा गन्धक के तेजाब उत्पादन में किया जाता है।

एण्डोलुसाइट:

👉 यह खनिज प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र जिलें में पाया जाता है।

👉 यह लोहे की अधिकता वाला खनिज है परन्तु इसमें एल्युमिना एवं क्षार की भी कुछ मात्रा पायी जाती है।

👉इसका उपयोग पोर्सिलेन एवं स्पार्क प्लग में किया जाता है।

पाइरोफाइलाइट:
👉यह खनिज प्रदेश के झांसी, ललितपुर, महोबा एवं हमीरपुर में पाया जाता है।

👉इसका उपयोग कीटनाशकों के निर्माण तथा सिरेमिक उद्योग में किया जाता है।

रॉक फास्फेट :
👉 प्रदेश का बांदा जिला रॉक फास्फेट के लिये प्रसिद्ध है यहां इसके प्रचुर भण्डार पाये जाते हैं।

👉 प्रदेश का अधिकतम रॉक फास्फेट कोयला संयंत्रों से प्राप्त किया जाता है।

👉 इसका मुख्य उपयोग उवर्रक उद्योग में तथा अपनी क्षारीय प्रकृति के कारण अम्लीय मृदा के उपचार में भी किया जाता है।

यूरेनियमः
👉 प्रदेश में यूरेनियम के भण्डार वाला एकमात्र जिला ललितपुर है। यहां इसके सीमित भण्डार पाये जाते है। यह धारवाड़ एवं आर्कियन श्रेणी चट्टानों से प्राप्त की जाती है।

काँच बालू:
👉 इसे सिलिका सैंड कहते है जो गंगा एवं यमुना नदियों से प्राप्त होती है। इससे काँच बनाया जाता है। इसके अतिरिक्त काँच बालू के भण्डार चंदौली के चकिया क्षेत्र झांसी के बाला बहेट एवं मुंडारी क्षेत्र तथा चित्रकूट के बरगढ़, लौहगढ़, धनद्रौल क्षेत्र से प्राप्त किया जाता है

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