Difference between Fundamental Rights and Directive Principles-मूल अधिकारों एवं निदेशक तत्वों के बीच अंतर|| Mains GS2 notes in hindi
मूल अधिकारों एवं निदेशक तत्वों के बीच अंतर मूल अधिकार - ✍️ - ये नकारात्मक हैं जैसा कि ये राज्य को कुछ मसलों पर कार्य करने से प्रतिबंधित करते हैं। ✍️ -ये न्यायोचित होते हैं, इनके हनन पर न्यायालय द्वारा इन्हें लागू कराया जा सकता है। ✍️ -इनका उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करना है। ✍️ -ये कानूनी रुप से मान्य हैं। ✍️ -ये व्यक्तिगत कल्याण को प्रोत्साहन देते हैं, इस प्रकार ये वैयक्तिक हैं। ✍️ -इनको लागू करने के लिए विधान की आवश्यकता नहीं, ये स्वतः लागू हैं। ✍️ -न्यायालय इस बात के लिए बाध्य कि किसी भी मूल अधिकार के हनन की विधि को वह गैर-संवैधानिक एवं अवैध घोषित करे। निदेशक तत्व ✍️ - ये सकारात्मक हैं, राज्य को कुछ मसलों पर इनकी आवश्यकता होती है। ✍️ -ये गैर-न्यायोचित होते हैं। इन्हें कानूनी रुप से न्यायालय द्वारा लागू नहीं कराया जा सकता। ✍️ -इनका उद्देश्य देश में सामाजिक एवं आर्थिक लोकतंत्र की स्थापना करना है। ✍️ -इन्हें नैतिक एवं राजनीतिक मान्यता प्राप्त है। ✍️ -ये समुदाय के कल्याण को प्रोत्साहित करते हैं, इस तरह ये समाजवादी हैं। ✍️ -इन्हें लागू रखने विधान की...