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Showing posts from September, 2019

यूपीएससी परीक्षा में सफलता पाने के लिये सेल्फ-इम्प्रूवमेंट टिप्स।( UPSC motivation)

यूपीएससी परीक्षा में सफलता पाने के लिये सेल्फ-इम्प्रूवमेंट टिप्स। यदि आप शीर्ष तक पहुंचना चाहते हैं, तो आपको चढ़ाई करना होगी और ध्यान रहे कि चोटी पर चढ़ना कोई आसान काम नहीं है, क्योंकि जैसे जैसे आप ऊपर जाते है तो यह और भी मुश्किल होता जाता है। आपको खुद को एक उच्च व्यक्ति के रूप में ढालना होगा और एक सिविल सेवा छात्र के रूप में आईएएस बनने के इस मिशन को पूरा करने के लिये आगे बढ़ना होगा। यूएसपीसी परीक्षा को लिए आत्म विकास (Self Improvement) के कुछ गोल्डन रूल्स जाननें के लिये इस लेख को पढ़ें। अपनी गलतियों को स्वीकार करें और उनसे सीखें। अपने आप को सुधारने की दिशा में पहला कदम अपनी गलतियों और कमजोरियों को स्वीकार करना है। यदि आप अपने पिछले असफल प्रयासों से आहत हैं, तो विश्लेषण करें कि आपने क्या और कैसे गलत किया और उन्हें ठीक करने के लिए अतिशीघ्र प्रयास करना शुरू करें। यदि पूर्व परीक्षा में आपने एक अनुपयुक्त वैकल्पिक विषय ले लिया था, तो वर्तमान परीक्षा समय में इसे बदलने की अवश्यकता होने पर इससे डरने की जरूरत नहीं है। उस नये विषय का यूपीएससी द्वारा दिये पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन करे...

Lok Sabha|| Important Questions and Answers|| All competitive Examinations (Upsc, UPPCS, RRB NTPC SSC...)

Learning Through Questions: Lok Sabha Q.1.   When was the Lok Sabha (the House of the People) first constituted? Ans-  The Lok Sabha (House of the People) was duly constituted for the first time on  17 April 1952  after the first General Elections held from 25 October 1951 to 21 February  1952. Q.2.   When was the first session of the Lok Sabha held? Ans- The first Session of the First Lok Sabha commenced on  13 May 1952 . Q.3.  Why is the Lok Sabha called the popular chamber? Ans- The Lok Sabha is composed of  representatives of the people  chosen by direct election on the basis of adult suffrage.  That is why it is called the popular chamber . Q.4.  Who was the first Speaker of Lok Sabha? Ans- Shri  G.V. Mavalankar  was the first Speaker of Lok Sabha (15 May 1952- 27 February 1956). Q.5.  Who was the first Deputy Speaker of Lok Sabha? Ans-...

असफ़लता आखिर है क्या?| Be motivated||Motivational speech on failure

असफ़लता आखिर है क्या? जब एक व्यक्ति असफ़ल हो जाता है, तब असफलता के उपरांत अल्पकाल के लिए मनुष्य में क्रोध का भाव रहता है, यह क्रोध स्वयं के प्रति भी हो सकता है, जमाने के प्रति भी हो सकता है, किस्मत के लिए भी हो सकता है,सिस्टम के ख़िलाफ़ भी हो सकता है, परिस्थितियों के ख़िलाफ़ भी हो सकता है... क्रोध रहता है... यह क्रोध उस व्यक्ति के शरीर में एक ऊर्जा उत्पादित करता है... उस ऊर्जा को कुछ व्यक्ति सकारात्मक तो कुछ व्यक्ति नकारात्मक रूप से व्यय कर देते हैं... चिड़चिड़ापन, आइलैंड व्यवहार(एकांत में रहना), तनाव व अवसादग्रस्त होने... जैसे लक्षण ऊर्जा के नकारात्मक व्यय के हैं... यह उस व्यक्ति के लिए बहुत नुकसानदेह होते हैं....यह व्यवहार भविष्य के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकता है.... अतः इस प्रकार के व्यवहार से हमें बचना चाहिए... इसके बचाव का एक ही रास्ता है कि आप स्वयं को सकारात्मक रखने का पूरा प्रयास करें... कोई एक परिणाम आपकी योग्यता को न सिद्ध करता है, और न ही प्रश्नचिह्न लगाता है... कुछ लोग असफलता के बाद उत्तपन्न ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक तरीक़े से करते है... दुगुने जोश के साथ नवीन लक्ष्...

UPSC/IAS Mains 2019 papers GS1, GS2, GS3 , GS4

Q1 . गांधाराई कला में मध्य एशियाई एवं यूनानी- बैक्ट्रियाई तत्त्वों को उजागर कीजिए । (150 शब्दों में उत्तर दीजिए ) Highlight the Central Asian and Greco-Bactrian elements in the Gandhara art. (Answer in 150 words) 10 Q2. 1857 का विप्लव ब्रिटिश शासन के पूर्ववर्ती सौ वर्...

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (Foreign Exchange Management Act)

✅ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (Foreign Exchange Management Act) यह अधिनियम भारत में विदेशी मुद्रा लेन-देन के प्रशासन के लिये कानूनी ढाँचा प्रदान करता है। FEMA जो कि 1 जून 2000 से प्रभावी हुआ, के तहत विदेशी ...

Companies And their CEO(Updated)

🔮 कपनियां और उनके CEO 🔮      1. BSNL के CEO -P K Purwar 2. OPPO के CEO - टोनी चैन 3. HP के CEO - डियोन वेसलर 4. यस बैंक के CEO - राणा कुपर 5. देना बैंक के CEO - अश्विन कुमार 6. बंधन बैंक के CEO - चंद्रशेखर घोष 8. SONY के CEO - केनचिरो योसीदा 9. COCA COLA के CEO - जे...

Important Amendments in the Indian Constitution(Polity NOTES)

Indian Polity is an important subject in General Studies sections. In every competitive exam in the GS section, there are questions related to Amendments in the Indian Constitution are asked. In this post, we are sharing you with a full list of "Important Amendments in the Indian Constitution in Hindi & English". India's constitution is neither rigid nor flexible. Parliament is empowered to amend the Indian Constitution under Article 368, subjected to ‘Basic structure of Constitution’. It is done in three ways: By simple majority By special majority By special majority with ratification by half of the states.   Important Amendments in the Indian Constitution First Constitutional Amendment Act, 1951 Added Ninth schedule to protect land reforms and other laws from the scrutiny of Judicial review. Insertion of new Article 31A and Article 31 B. Amended Article 19 by adding three more ground of reasonable restriction on freedom of speech and expression. Seventh Co...

नासा के बारे में रोचक तथ्य|| Know about NASA

"नासा के बारे में रोचक तथ्य"               👇👇👇 1. NASA की Full Form है “National Aeronautics and Space Administration“. इसका हेडक्वार्टर वाशिंगटन में है और अमेरिका ही इसे पूरी तरह कंट्रोल करता है. 2. पहले NACA (National Advisory Committee for Aeronautics) हुआ करती थी जो अं...

Current Articles for UPSC || MOST Important for all examinations

क्या है ब्लॉकचेन तकनीक ? ✅ ज्ञातव्य है कि जिस प्रकार हज़ारों-लाखों कंप्यूटरों को आपस में जोड़कर इंटरनेट का अविष्कार हुआ, ठीक उसी प्रकार डेटा ब्लॉकों (आँकड़ों) की लंबी श्रृंखला को जोड़कर उसे ब्लॉकचेन नाम दिया गया है। ✅ब्लॉकचेन तकनीक में तीन अलग-अलग तकनीकों का समायोजन है, जिसमें इंटरनेट, पर्सनल 'की' (निजी कुंजी) की क्रिप्टोग्राफी अर्थात् जानकारी को गुप्त रखना और प्रोटोकॉल पर नियंत्रण रखना शामिल है। ✅ब्लॉकचेन एक ऐसी तकनीक है जिससे बिटकॉइन तथा अन्य क्रिप्टो-करेंसियों का संचालन होता है। यदि सरल शब्दों में कहा जाए तो यह एक डिजिटल ‘सार्वजनिक बही-खाता’ (Public Ledger) है, जिसमें प्रत्येक लेन-देन का रिकॉर्ड दर्ज़ किया जाता है। ✅ब्लॉकचेन में एक बार किसी भी लेन-देन को दर्ज करने पर इसे न तो वहाँ से हटाया जा सकता है और न ही इसमें संशोधन किया जा सकता है। ✅ब्लॉकचेन के कारण लेन-देन के लिये एक विश्वसनीय तीसरी पार्टी जैसे-बैंक की आवश्यकता नहीं पड़ती। ✅इसके अंतर्गत नेटवर्क से जुड़े उपकरणों (मुख्यतः कंप्यूटर की श्रृंखलाओं, जिन्हें नोड्स कहा जाता है) के द्वारा सत्यापित होने के बाद प्रत्येक लेन-देन के...