UPPSC RO/ARO - Syllabus, Exam pattern, Cutoff, Qualification in hindi

 यू.पी. (आर.ओ./ए.आर.ओ.) - प्रकृति एवं प्रक्रिया



ध्यान दें, अगर uppsc pre में अच्छा नही कर पाए है तो यह समय विलाप करने का नही है , आगे RO/ARO खड़ा है, एक बार फिर सुनहरा मौका है अर्जुन सा योद्धा बनकर प्रहार कर दो, भगवान ने चाहा तो सफलता जरूर मिलेgi

वर्तमान में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यू.पी.पी.एस.सी.) द्वारा आयोजित लोकप्रिय परीक्षाओं में ‘उत्तर प्रदेश समीक्षा अधिकारी (आर.ओ.)/सहायक समीक्षा अधिकारी(ए.आर.ओ.)’ परीक्षा शामिल है। इस परीक्षा की लोकप्रियता इस पद की प्रकृति एवं नियुक्ति स्थान के स्थायित्व के कारण है। इस परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति (कुछ विशेष पदों को छोड़ कर) सामान्यत: सचिवालय भवन, लखनऊ एवं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग भवन, इलाहाबाद में होती है। इस परीक्षा की प्रकृति एवं प्रक्रिया का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है।




परीक्षा की प्रकृति:


आयोग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगी परीक्षा में सामान्यत: क्रमवार दो स्तर सम्मिलित हैं- 

प्रारम्भिक परीक्षा– वस्तुनिष्ठ प्रकृति

मुख्य परीक्षा वस्तुनिष्ठ एवं वर्णनात्मक प्रकृतi



 परीक्षा की प्रक्रिया:



प्रारम्भिक परीक्षा की प्रक्रिया: 


सर्वप्रथम आयोग द्वारा इन परीक्षाओं से सम्बंधित विज्ञप्ति जारी की जाती है, उसके पश्चात ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होती है। फॉर्म भरने की प्रक्रिया सम्बंधित विस्तृत जानकारी ‘विज्ञप्ति’ के अंतर्गत ‘ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?’ शीर्षक में दी गई है।


विज्ञप्ति में उक्त परीक्षा से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं का विस्तृत विवरण दिया गया होता है। अत: फॉर्म भरने से पहले इसका अध्ययन करना लाभदायक रहता है।


फॉर्म भरने की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सामान्यतः 3 से 4 माह पश्चात प्रारम्भिक परीक्षा आयोजित की जाती है। 



प्रारंभिक परीक्षा एक ही दिन की 1पाली में आयोग द्वारा निर्धारित राज्य के विभिन्न केन्द्रों पर सम्पन्न होती है। 



आयोग द्वारा आयोजित इस प्रारम्भिक परीक्षा की प्रकृति वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) होती है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक प्रश्न के लिये दिये गए चार संभावित विकल्पों (a, b, c और d) में से एक सही विकल्प का चयन करना होता है। 



प्रश्न से सम्बंधित इस चयनित विकल्प को आयोग द्वारा दिये गए ओ.एम.आर. सीट में उसके सम्मुख दिये गए सम्बंधित गोले (सर्किल) में उचित स्थान पर केवल काले बॉल पॉइंट पेन से भरना होता है। 


यू.पी.पी.एस.सी. द्वारा आयोजित इस परीक्षा में गलत उत्तर के लिये एक तिहाई (1/3) नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान है। 


यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का एक से अधिक उत्तर देता है, तो उस उत्तर को गलत मानकर 1/3 अंक काटे जायेंगे।  


प्रश्नपत्र दोनों भाषाओं (हिंदी एवं अंग्रेजी) में दिये गए होते हैं, अभ्यर्थी अपनी सुविधा अनुसार पढ़ कर प्रश्नों का उत्तर दे सकते हैं। प्रश्न की भाषा सम्बन्धी किसी भी विवाद की स्थिति अंग्रेजी भाषा में मुद्रित प्रश्नों को वरीयता दी जाएगी। 


यू.पी. आर.ओ./ए.आर.ओ. प्रारम्भिक परीक्षा में 1 अनिवार्य प्रश्नपत्र होता है जिसमें सामान्य अध्ययन एवं सामान्य हिंदी के कुल 200 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसकी परीक्षा एक ही दिन में 1 ही पाली में होती है। 



परीक्षा की समयावधि - 


RO ARO प्रारंभिक परीक्षा को समय अवधि कुल 3 घंटे की होती है जिसमें आपको 200 प्रश्न हल करने होते है।


प्रारम्भिक परीक्षा कुल 200 अंकों की होती है।   

जिसमें  दो खंड होते है  - खंड क एवं खंड ख 

खंड क में सामान्य अध्ययन के प्रश्नों की कुल संख्या 140 एवं अधिकतम अंक 140 निर्धारित है। 

खंड ख  सामान्य हिंदी का है, जिसमें प्रश्नों की कुल संख्या 60 एवं अधिकतम अंक 60 निर्धारित है। 


इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिये दोनों प्रश्नपत्रों को मिलाकर सामान्यत: 60–65% अंक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है, किन्तु कभी-कभी प्रश्नों के कठिनाई स्तर को देखते हुए यह प्रतिशत कम भी हो सकती है। 


प्रारम्भिक परीक्षा की प्रकृति क्वालिफाइंग होती है। इसमें प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा के अंकों के साथ नहीं जोड़ा जाता है।   

अगर आप वाकई प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पाना चाहते है तो आपको हिंदी पर सबसे ज्यादा अधिक फोकस करना चाहिए क्योंकि हिन्दी के 60 प्रश्न आते है जिसमें से हम 55+ थोड़ी सी मेहनत करके आसानी से ला सकते है। और फिर सामान्य अध्ययन में अगर हम 140 में से 80 भी ले आयेगे तो हम 135 + का स्कोर कर लेगे , जिसका सीधा सीधा मतलब होता होता है कि आपका प्री आसानी से निकल रहा है और आप प्री की कटऑफ को पर कर रहे है।



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