How to read Newspapers/editorials for upsc in hindi

मूल्य निर्धारण के लिए -- 






(1.) सम्पादकीय आलेख्य दैनिक पढ़ें--



 सम्पादकीय पृष्ठ आपके लिए उपयोगी है एक तो आपकी लेखन शैली के लिए एक उदाहरण है, नए शब्द सिखाए गए हैं, किसी भी मुद्दे के बारे में विस्तृत और पूरी जानकारी प्राप्त की गई है, आंकड़े और प्रासंगिक संबंध हैं जिन्हें आप निबंध और अन्य मुख्य परीक्षा के उत्तर विकसित समय प्रयोग कर सकते हैं! मेरे अनुसार सम्पादकीय पृष्ठ के बिना आज के समय में मुख्य परीक्षण अवलोकन करने की स्थिति ना के बराबर है इसलिए केवल दो राष्ट्रीय स्तरों के समाचार नेताओं के सम्पादकीय नियमित रूप से पढ़ें! वो दो निरपेक्ष दैनिक जागरण और जनसत्ता हो सकते हैं!













(2.)रोज की आदत डालना--







 मुख्य परीक्षा से अब अति लघु और लघु उत्तरीय प्रश्न हटा दिए गए हैं, अब सिर्फ 20 या 25 दीर्घ उत्तरीय पुरातन से आपका सामना होता है जहां उत्तर में लगभग 150 से 200 शब्द के बीच लिखना होता है यानी कुलमिलाकर 3 घंटे में आपको लगभग 4000 शब्द छात्र होते हैं! एक निश्चित समय में आपको प्रश्न ठीक से मिलता है। साक्षात्कार के लिए आपका सिलेक्शन मुख्य परीक्षा के आधार पर ही होगा और मुख्य परीक्षा केवल आपके लेखन पर ही निर्भर करती है! इसलिए रोज कम से कम किसी एक टॉपिक को लेकर 200 से 250 शब्दों का प्रयास करें!














 पिछले कुछ वर्षों में प्रारंभिक परीक्षाओं के आसपास प्रश्न या तो समसामयिक अध्ययन से सीधे पूछे गए हैं या फिर औपचारिक रूप से आपके संबंधित रहे हैं! मुख्य परीक्षा में भी निबंध, सामान्य अध्ययन के दूसरे और तीसरे पेपर में लगभग 60 प्रतिशत का योगदान करंट अफेयर्स का होता है इसलिए हम इसके बिना रिक के ख्वाब को हकीकत में नहीं बदल सकते हैं! इसलिए राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र के अलावा एक विश्वसनीय मासिक पत्रिका और कुछ महत्वपूर्ण वेबसाइटों का सहारा लेकर अपने करंट को पूरी तरह से अपडेट करें!











( 4.0 सतही ज्ञान से परहेज -- 







सिविल सेवा परीक्षा कोई एक दिव्य परीक्षा नहीं है, इसलिए सिर्फ फैक्चुअल नॉलेज से आपका कुछ नहीं होगा! प्रारंभिक परीक्षा के प्रोटोटाइप का भी अपना स्तर एक होता है, ज्यादातर प्रश्न वाले कोट वाले होते हैं जिन्हें आप तुक्का लगाए या अंदाजे से उत्तर नहीं दे सकते हैं! एक प्रश्न को हल करने के लिए आपको उस टॉपिक के बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है! इसलिए विषय के महत्वपूर्ण तथ्य रत्ने की बजाय उसे समझने पर सबसे अधिक ध्यान देने योग्य बात! अगर आपने प्रश्न पूछा है तो प्रश्न के बदल जाने से आप भ्रमित हो जाएंगे लेकिन यदि आपका कांसेप्ट क्लियर हो गया है तो उस विषय से कोई भी, किसी भी तरह का प्रश्न दे दिया जाएगा आपको समस्या नहीं होगी! इसलिए हर विषय पर अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य पर ध्यान दें!




5 समय प्रबंधन - 

सिविल सेवा की तैयारी के दौरान सबसे जरूरी चीज है आपका समय प्रबंधन! पूरी तैयारी के दौरान नियमितता की बहुत आवश्यकता है और उसके लिए एक सही प्रयोग का होना अतिआवश्यक है! पूरे सिलेबस को ठीक से देखें और पिछले वर्ष के प्रशपत्रों को देखकर अपने मजबूत और मजबूत विषयों पर ध्यान दें और प्रत्येक पेपर के लिए एक योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करें! समय का हर पल आपके लिए महत्वपूर्ण है इसलिए व्यर्थ न गवाएं, क्योंकि हर मिनट का आप सदुपयोग कर सकते हैं और हर काम को करने से पहले खुद से एक सवाल जरूर कर लें कि "यह आपके लक्ष्य के लिए वैल्युएप होगा या स्टॉक? " इसके बाद ही कोई काम होगा!











कुछ वर्षों के लिए कुछ अवास्तविक कर फिर आने वाला कल आपका उसे अपनी हिस्सेदारी पर जीना होगा! एक बात जान लें कि यहां लोगों को आप कौन हो, इससे ज्यादा मतलब यह है कि आप क्या हो? लोग आपके नाम का नहीं आपके पद और आपके पद का सम्मान करते हैं!






ये 5 टॉपिक्स थे और बाकी 5 टॉपिक्स जल्दी ही पोस्ट करेंगे...................

 
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