हारे हुए लोग कहाँ जायेंगे ? ? A motivational Poem for failure aspirants
हारे हुए लोग कहाँ जायेंगे ? ?
हारे हुए लोगों के लिए कौन दुनिया बसाएगा ?
उन पराजित योद्धाओं के लिए ,
तमाम शिकस्त खाए लोगों के लिए।
प्रेम में टूटे हुए लोग,
सारी जिंदगी को कहीं दांव लगाकर हारे हुए लोग
थके-हारे लोग, गुमनाम लोग
बूढ़े पिता जो अब अकेले रह गए हैं,
वो कल्पनाओं में खोया रहने वाला बच्चा
जो परीक्षा में फेल हो गया है,
वो लड़की जो तेज कदमों से घर की तरफ लौट रही है,
वो बूढ़ा गुब्बारे वाला जो कांपते हाथों से पैसे गिनता है,
एक असफल लेखक,
मैच हार गया खिलाड़ी,
इंटरव्यू से वापस लौटा युवा,
और ऐसे तमाम लोग
जिन्हें पता था कि वे सफल हो सकते हैं,
मगर उन्होंने असफलताओं से भरा रास्ता चुना,
वो लोग जिन्होंने
हमेशा गलत राह पर चलने का जोखिम उठाया,
वो लोग जिन्होंने
गलत लोगों पर भरोसा किया,
वो जिन्होंने
चोट खाई, धोखा खाया, ठोकर खाई
गिरे और धूल झाड़कर खड़े हुए
वे कहां जाएंगे ?
क्या कोई ऐसी दुनिया होगी
जहां दो हारे हुए इंसान
एक-दूसरे की हथेलियां थामे
कई पलों तक खामोश रह सकते हों
अपनी चुप्पी में तकलीफ बांटते हुए।
-दिनेश श्रीनेत
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